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April 19, 2026
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धर्मभिण्ड

गुरु-शिष्य परंपरा हिंदू शिक्षण पद्दति की विशिष्टता है – अनिल शर्मा

परानिधेश भारद्वाज,

भिण्ड/ भारत विकास परिषद शाखा भिण्ड द्वारा गुरु वंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम के तहत मंगलवार को ग्राम जामना स्थित एमजीडी एजुकेशन एकेडमी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथ्य कर रहे वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी अनिल शर्मा ने संस्कृत श्लोक गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरुदेवो महेश्वरः गुरु साक्षात् परब्रह्म, तस्माए श्री गुरुवे नमः से बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश की त्रिमूर्ति है। हिंदू धर्म में, गुरु को मानव रूप में भगवान के बराबर माना जाता है। इस श्लोक में गुरु की तुलना ब्रह्मा, विष्णु और महेश से की गई है। गुरु ब्रह्मा की तरह ही निर्माता हैं जो सृष्टि के देवता हैं, भगवान विष्णु की तरह रक्षक हैं, और भगवान शिव की तरह परिवर्तन की शक्ति हैं। गुरु को यहाँ सर्वोच्च सर्वशक्तिमान के रूप में जाना जाता है। गुरु परब्रह्म है जो प्रकाश के मार्ग की ओर ले जाता है। उनकी शिक्षाएं असीम हैं, हम उस गुरु को नमन करते हैं जो अपने आप में प्रधान है, जो प्रवीणता का निर्माण करता है, प्रवीणता को बनाए रखता है, और अज्ञानता को नष्ट करता है और अंततः देवत्व है।

भारत विकास परिषद शाखा भिंड के अध्यक्ष डॉ साकार तिवारी ने भारत विकास परिषद पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परिषद् सुसंस्कृत, संभ्रान्त तथा प्रतिष्ठित व्यक्तिओं का देशव्यापी संगठन होने के नाते गत पचास वर्षों से सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्तर पर निरन्तर एवं प्रगतिशील संगठन के रूप में कार्य कर रहा है। इसकी पहचान केवल सांस्कृतिक धरातल पर ही नहीं वरन् सेवा के क्षेत्र में भी है। प्राकृतिक आपदाओं और राष्ट्रीय चुनौतियों के समय भी यह संगठन अपने उत्तरदायित्वों की कसौटी पर खरा उतरा है। संभवतः अन्य समाज सेवी क्लबों की तुलना में परिषद् की भौतिक साधन सम्पन्नता कुछ कम हो सकती है, लेकिन इसके पास सेवाभावी, समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ और भारतीय संस्कृति के प्रति संवेदनशील मानवीय संसाधन की एक अमूल्य निधि है, जिससे चिन्तन, दर्शन, प्रकल्प एवं कार्यक्रम सभी स्तरों पर परिषद् का भव्य रूप निखर रहा है, उसकी प्रतिष्ठा समाज में सहज रूप से बढ़ रही है। और निश्चित् ही इस दशक में और आगे आने वाली अवधि में यह संगठन अपने क्रियाकलापों से भारत को वैचारिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में नवीनतम ऊँचाईयों का कीर्तिमान स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने वाला सांस्कृतिक एवं सेवाभावी संगठन सिद्ध होगा तथा ‘स्वस्थ, समर्थ, समृद्ध एवं संस्कारित भारत’ की परिकल्पना को पूर्ण करने में मील का पत्थर बनेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना मां वीणा वादिनी की प्रतिमा पर पूजन अर्चन कर शुरू हुआ, कार्यक्रम के मुख्य स्वरूप में सम्मानित हुए उत्कृष्ट विद्यार्थी अन्नू यादव, मोजिम खान, नंदिनी शर्मा, विष्णु सिंह, रूद्र प्रताप तथा श्रेष्ठ शिक्षक सोनम भदौरिया, शिवानी तोमर व शिवम भदोरिया सम्मानित हुए

कार्यक्रम का संचालन करते हुए शाखा सचिव श्री धीरज शुक्ला ने सभी बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय, परिवार, शहर के साथ ही देश व प्रदेश का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी

कार्यक्रम में उपस्थित रहे अध्यक्ष डॉ साकार तिवारी, सचिव धीरज शुक्ला, जयदीप सिंह, विद्यालय प्राचार्य कुलदीप मिश्रा सहित संपूर्ण स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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