भिण्ड। मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक अटेर हेमंत कटारे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि अटेर क्षेत्र के 40 से अधिक गांव राजस्थान स्थित कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से प्रभावित हो जाते हैं। तेज बारिश की स्थिति में लगभग हर साल उनका जनजीवन प्रभावित होता है। उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मेरे द्वारा कई बार शासन एवं प्रशासन को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है कि अटेर क्षेत्र के कई गांव बारिश के मौसम में बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। बारिश में बाढ़ की स्थिति में लोग तो पलायन कर जाते हैं लेकिन निरीह पालतू जानवर इसके शिकार हो जाते हैं। लोगों के घर गृहस्थी सहित पूरे जीवन पर असर पड़ता है। कई प्रकार की बीमारियां फैलती हैं।
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने नावली वृंदावन से खेराट तक एक ब्रिज बनाये जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे आवागमन में सुविधा होगी और बाढ़ की स्थिति में लोग अपने पालतू जानवरों के साथ दूसरी जगह आसानी से जा सकेंगे। इसके साथ ही बाढ़ से विस्थापन के समय एक निश्चित जगह चिन्हित की जाकर उस पर अस्थाई एवं स्थाई निर्माण कराया जाए ताकि प्रतिवर्ष कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने पर प्रभावित ग्रामवासियों को वहां पर सुविधापूर्वक रहने को मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष आम जनजीवन का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है एवं घर गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो जाता है और खाने-पीने का अनाज भी खत्म हो जाता है। पालतू जानवर भी बीमारी फैलने से खत्म हो जाते हैं, इस कारण से आर्थिक हानि होती है। हेमंत कटारे ने कहा कि प्रतिवर्ष बाढ़ प्रभावितों को स्थाई रूप से चिन्हित जगह कर स्थाई एवं अस्थाई जगह उपलब्ध कराई जाए ताकि बारिश के मौसम में वह अपने परिवार, अनाज और जानवरों की सुरक्षा कर सकें।

