परानिधेश भारद्वाज,
भिंड। सामाजिक समरसता को बिगाड़ने एवं सामाजिक ताने बाने को क्षतिग्रस्त कर समाज में आग लगाने का जो प्रयास आईएएस संतोष वर्मा ने किया है यह बेहद निंदनीय है। संतोष वर्मा के द्वारा भरे मंच से खुलेआम ब्राह्मण समाज को लेकर अत्यंत घृणास्पद एवं घोर आपत्तिजनक बयान दिया है जोकि सिविल सेवा आचरण अधिनियम का घोर उल्लंघन है। जिसकी वजह से संतोष वर्मा पर तुरंत एनएसए की कार्यवाही होनी चाहिए। उक्त वक्तव्य भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ रमेश दुबे ने देते हुए कहा कि एक व्यक्ति जो कि आपराधिक एवं दुष्कर्म से प्रेरित प्रवृत्ति का होते हुए आईएएस की कुर्सी पर बैठा है जो कई आरोपों के तहत जेल भी जा चुका है, ऐसे व्यक्ति को किसी भी प्रशासनिक पद पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है। डॉ दुबे ने कहा है कि ब्राह्मण समाज की बेटियों के बारे में इतने नीचता भरे कथन से सारी मानवता शर्मसार हुई है। केंद्र व राज्य सरकार को ऐसे अधिकारी को तुरंत बर्खास्त करके जेल में भेजना चाहिए क्योंकि व्यक्ति अगर इस सोच का होगा तो वह जातिवादी व्यवस्था का अनुयाई होगा। वह कभी भी जनता के साथ न्याय नहीं कर सकेगा और ना ही संविधान का पालन कर सकेगा।
डॉ दुबे ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की है कि संतोष वर्मा पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जावे जिससे मानवता में एवं समाज में पनपे इस आक्रोश को शांत किया जा सके। डॉ रमेश दुबे ने कहा कि आज जब देश और प्रदेश की सरकार महिला सशक्तिकरण का कार्य करके महिलाओं को आगे लाने का कार्य कर रही है और दूसरी ओर इस मानसिकता के लोग देश में विद्रोह फैलाने का कार्य कर रहे हैं। जहां एक ओर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री सभी जाति वर्गों के लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं वहीं आईएएस संतोष वर्मा जैसे लोग समाज मे जहर घोलने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्यवाही आवश्यक रूप से होनी चाहिये।

