31.5 C
Bhind
October 8, 2026
Headlines Today 24
देश

पचनद पर 151 फ़ीट लंबा तिरंगा फहराकर चंबल के क्रांतिकारियों को दी गई सलामी

  • पचनद महापर्व मनाया गया, महासंगम किनारे जलाए गए दीप
  • 151 फीट तिरंगे से चंबल अंचल के रणबांकुरों को दी गई सलामी

परानिधेश भारद्वाज,

भिंड : आजादी आंदोलन में क्रांतिकारियों और बुद्धिजीवियों की सरजमीन रही पंचनद घाटी में चंबल परिवार ने ऐतिहासिक आयोजन कर अपने लड़ाका पुरखों का स्मरण किया। सिंध, पहुंज, क्वारी, चंबल और यमुना के पवित्र और अनोखे संगम पर ‘पंचनद दीप महापर्व’ के तीसरे संस्करण का यादगार आयोजन किया गया। चंबल घाटी के क्रांतियोद्धाओं को 151 फिट राष्ट्रीय झंडा तिंरगे से सलामी दी गई, जिसमें इटावा, जालौन, औरैया, भिन्ड, बाह, ग्वालियर के निवासी बड़े पैमाने पर श्रद्धा सुमन देने पहुंचे। पंचनद दीप महापर्व में अतिथि के तौर पर चंबल घाटी के सरदार भगत सिंह के नाम से सुविख्यात शहीद डॉ. महेश सिंह चौहान के अनुज इतिहासकार देवेन्द्र सिंह चौहान, सामाजिक विचारक और पूर्व आईपीएस अधिकारी चेतराम सिंह भदौरिया, क्रांतिकारी लेखक डॉ. शाह आलम राना, रिटायर्ड डीएसपी हाकिम सिंह यादव रहे। संचालन चंबल पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. कमल कुमार कुशवाहा ने किया।

स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की शरण स्थली रही महाकालेश्वर धाम से 151 फिट तिरंगे के साथ क्रांतिवीरों को सलामी देने बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बड़े-बुजुर्गों का हुजूम उमड़ पड़ा। गगनभेदी नारों के साथ यात्रा आगे बढ़ी। पंचनदा पुल पर भिटौरा-कंजौसा ग्राम प्रधान रेखा देवी ने पुष्प वर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया। मार्च का नेतृत्व चंबल परिवार समन्वयक वीरेन्द्र सिंह सेंगर ने किया। पदयात्रा आगे चली तो बाबा साहेब मंदिर के पदाधिकारियों ने फूल-मालाओं से यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। पंचनद संगम तट के नजदीक विशाल जलराशि तक पहुंचकर कारंवा जनसभा में तब्दील हो गया।

पंचनद दीप पर्व को संबोधित करते हुए इतिहासकार देवेन्द्र सिंह चौहान ने चंबल अंचल के क्रांतियोद्धा सूबेदार मेजर अमानत अली, राजा निंरजन सिंह चौहान, जंगली व मंगली मेहतर, मारून सिंह लोधी, मंशाराम गुर्जर, रूपचंद पांडेय, तेजाबाई, चुन्नी यादव, बंकट सिंह कुशवाह, राम प्रसाद चौधरी, गेंदालाल दीक्षित, दादा शंभूनाथ आजाद, अर्जुन सिंह भदौरिया आदि जननायकों का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजी दासता से मुक्ति की लड़ाई साझा कुर्बानी का संघर्ष रहा है।

चंबल परिवार प्रमुख क्रांतिकारी लेखक डॉ. शाह आलम राना ने पंचनदा तहजीब की वकालत करते हुए कहा कि इटावा, औरैया, जालौन और भिंड जनपद मुख्यालयों से समान दूरी पर पंचनदा है। यहां चंबल, यमुना, क्वारी, सिंध और पहुज नदियों का भोगौलिक मिलन के साथ कई संस्कृतियों के महासंगम का गौरवशाली इतिहास की रवायत रही है। डॉ. शाह आलम राना ने जोर देते हुए कहा कि सत्तावनी क्रांति के मस्तिष्क अजीमुल्ला खां ने ‘हम हैं इसके मालिक, हिन्दुस्तान हमारा’ राष्ट्रगीत लिखा था। जिसे पढ़ते हुए लाखों आजादी के मतवालों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यही आजाद भारत में हमारे राष्ट्रीय ग्रंथ भारतीय संविधान की आत्मा बनी।

इस दौरान देवेन्द्र सिंह चौहान ने संविधान की उद्देशिका का सामूहिक स्वरपाठ कराते हुए कहा कि पवित्र ग्रंथ भारतीय संविधान की हिफाजत करना हम सभी का फर्ज है। चंबल अंचल के प्रसिद्ध लोकगायक सद्दीक अली ने ‘जो देश पर शहीद हुए थे, सच्चे थे वे हिन्दुस्तानी’ जैसी अपनी कई प्रस्तुतियां देकर मौजूद लोगों की आखें नम कर दी। पंचनद दीप पर्व में आए हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापन चंबल परिवार संयोजक चन्द्रोदय सिंह चौहान ने किया। इसके बाद साझे तौर पर सभी ने आजादी के महानायकों की याद में दीपों से पंचनद तट को रोशन किया।

इस अवसर पर मेजर मनोज कुमार सिंह, पंडित राम लखन, अवधेश सिंह चौहान, राम सुन्दर यादव, कुलदीप सिंह परिहार, विनोद सिंह गौतम, प्रमोद सिंह सेंगर, हरीराम, राम औतार तिवारी, राम सजीवन, चंद्रवीर सिंह चौहान, अनिल पाल, अभिलाख, अनीश खान, सोनपाल, धर्मेन्द्र सिकरवार, आबिद अली, सुदीप बाथम, प्रमोद वन, बृजेन्द्र सिंह, विजय बहादुर शंखवार, आदिल खान, सुखराम टेलर आदि का उल्लेखनीय सहयोग रहा।

Headlines Today 24

Related posts

PM किसान योजना का लाभ ले रहे किसान 31 जुलाई तक e-kyc जरूर करायें अन्यथा नहीं मिलेगा अगली किस्त का पैसा

Headlines Today24

राजगढ़ पुलिस पर बेरहमी से युवक की पिटाई का आरोप, मानवाधिकार आयोग ने राजगढ़ एसपी से तीन सप्ताह में मांगा जवाब

Headlines Today24

स्पाइसजेट की कई नई उड़ानें शुरू, केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया औपचारिक उदघाटन

Headlines Today24