परानिधेश भारद्वाज,
पुलिस मुख्यालय भोपाल मध्य प्रदेश की सामुदायिक पुलिसिंग शाखा के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक भिण्ड सूरज कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस एवं समुदायों के बीच सृजनात्मक संवाद विकसित करने के उद्देश्य से *सृजन संवाद योजना* के अंतर्गत दिनांक 20-08-2006 गुरुवार को दोपहर 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक -02 के कक्षा 11 एवं 12 के 67 छात्र / छात्राओं को योजना के शैडयूल के मुताबिक देहात कोतवाली थाने का भ्रमण कराया गया ।
जिला पुलिस बल भिण्ड की पुलिस लाइन स्थित वाहन शाखा की एसी बस से छात्रों को शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक -2 से संस्था के टीओटी द्वय दिनेश सिंह भदौरिया एवं धर्मेंद्र सिंह भदौरिया व्याख्यातागण के साथ देहात कोतवाली थाना परिसर में लाया गया ।
कोतवाली परिसर में योजना के नोडल अधिकारी अजय पंवार डीएसपी अजाक एवं थाना देहात के उपनिरीक्षक गण विजय शिवहरे, रत्ना जैन के द्वारा छात्रों को पुलिस थाने की संरचना, कार्य प्रणाली से डीएसपी पंवार ने विस्तार से अवगत कराया ।
थाना भ्रमण में डीएसपी अजय पंवार एवं एसआई विजय शिवहरे ने छात्रों के साथ थाना प्रभारी कक्ष में थाना प्रभारी का दायित्व एवं भूमिका सहित पुलिस विभाग कर्मचारी आरक्षक से लेकर विभाग प्रमुख पुलिस महानिदेशक तक की रैंक के यूनीफार्म बैज, स्टार आदि की जानकारी दी तथा उनके कार्यों को भी समझाया ।
तत्पश्चात् थाने के रिसेप्शन, डे तथा नाइट अधिकारी, एचसीएम, एफ आई आर दर्ज करना, शिकायत सुनना, फरियादी पीड़ित के साथ व्यवहार तथा अपराधों की विवेचना, अनुसंधान की कथन बयान लेने की संपूर्ण प्रक्रिया, कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी केमरे, सीसीटीएन कक्ष, थाने के रिकार्ड, रजिस्टर, मुंशी या आरक्षक सहायक के कार्य, थाने का न्याय अधिकार क्षेत्र, उनका बीट विभाजन, थाने की सीमा, बीट प्रभारी और उसकी टीम तथा उसके कार्य, शहर के गली, मुहल्ला, बाजार की गश्त, चैकिंग व्यवस्था के साथ संतरी पहरा, मालखाना, हथियार कक्ष (कोत), महिला-पुरुष बंदी हवालात तथा महिला कक्ष, महिला ऊर्जा डेस्क, बाल मित्र अधिकारी और उसके कर्तव्य तथा फ़रियाद, महिला एवं बालकों से व्यवहार आदि पर विस्तार से चर्चा और संवाद कर छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।आरक्षक से लेकर IPS तक की चयन प्रक्रिया, मोबाइल, सोशल मीडिया का सही उपयोग, सायबर फ्रॉड आदि की जानकारी देकर समाधान किया गया ।
भ्रमण के अंतर्गत छात्र – छात्राओं को डायल 112, एफ आर बी गाड़ियों की कार्यप्रणाली, इवेंट लेना और सूचना स्थल पर उपस्थित पुलिस स्टॉफ के साथ तत्काल रवाना होकर कार्य करना फिर जरूरत के मुताबिक थाने को सूचना कर मदद लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई । छात्रों ने सर्वाधिक रुचि महिलाओं, बालक बालिकाओं के संबंध में पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने में दिखाई ।
भ्रमण के नियत समय के पश्चात छात्र छात्राओं को शासकीय पुलिस बस से स्कूल कैंपस में उनके टीओटी शिक्षकों के साथ वापस छोड़ा गया। इस भ्रमण में विद्यालय की दो महिला शिक्षक एवं पुलिस कोऑर्डिनेटर प्रधान आरक्षक रामकुमार पाण्डेय भी साथ में उपस्थित रहे ।।

