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August 10, 2026
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मध्यप्रदेश

57 साल बाद यहां जीती कांग्रेस, भाजपा की लुटिया कैसे डूबी!

परानिधेश भारद्वाज

ग्वालियर महानगर के नगरनिगम महापौर के पद पर कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कांग्रेस को यह जीत 57 साल बाद, यानी देश की आजादी के बाद पहली बार मिली है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सतीश सिकरवार ने अपनी निकटतम भाजपा प्रत्याशी सुमन यशवीर शर्मा को 28805 वोटों के अंतर से हराया है। 35वें और अंतिम राउंड की काउंटिंग के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को 235154 व भाजपा प्रत्याशी को 206349 वोट मिले हैं। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

नगरीय निकाय के चुनावों में इस बार बड़े उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। जहां सिंगरौली में आप उभरकर सामने आई है वहीं आजादी के बाद पहली बार ग्वालियर में महापौर पद पर कांग्रेस की प्रत्याशी ने जीत हासिल की है।
ग्वालियर में आजादी के बाद से ही ग्वालियर नगर निगम पर कांग्रेस ने कभी विजय पताका नहीं फेहरा पाई। ऐसे में यह सीट हमेशा से कांग्रेस के लिए दूर का स्वप्न ही बनी रही।
लेकिन इस बार भाजपा में टिकट के लिए मची अंतरकलह के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के सुझाये गए नाम को फाइनल किया गया।
लेकिन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अपने कैंडिडेट को जीत नहीं दिला पाए। नतीजा यह हुआ कि 20 हजार से अधिक मतों के अंतर से यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने जीत हासिल की है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि नरेंद्र तोमर पिछली दोनों बार चाहे मुरैना से रहे हों चाहे ग्वालियर से अपनी सांसदी की सीट हार रहे थे। वह तो केवल मोदी फैक्टर का कमाल था कि नरेंद्र तोमर अपनी सीट निकाल सके।
लेकिन महापौर चुनावों में मोदी फैक्टर काम नहीं किया और नरेंद्र तोमर की प्रत्याशी को मुंहकी खानी पड़ी है। यहां पर अनूप मिश्रा की नाराजगी भी कुछ हद तक भाजपा प्रत्याशी की हार में सहायक रही हो सकती है।

अपनी जीत के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए ग्वालियर की नवनिर्वाचित महापौर डॉ शोभा सिकरवार


कांग्रेस की जीत से गोविंद सिंह का बढ़ा कद
ग्वालियर में आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी बनने से क्षेत्र से हाल ही में नेता प्रतिपक्ष बनाए गए कांग्रेस के लहार से वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह का दबदबा बढ़ा है। डॉक्टर गोविंद सिंह हमेशा से ही महल के खिलाफ बोलते रहे हैं। ऐसे में पहली बार जीत कर आई कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का श्रेय भी डॉक्टर गोविंद सिंह के खाते में कहीं ना कहीं जाता है। यही नहीं क्षेत्र में कई जगह कांग्रेस ने अपना दबदबा बनाया है। डॉक्टर गोविंद सिंह के क्षेत्र में तो भाजपा का लगभग सूपड़ा साफ ही हो गया है।

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